वेनेजुएला वैभव से विद्रोह तक और 2026 का ऐतिहासिक तख्तापलट

वेनेजुएला दक्षिण अमेरिका का वह देश जो कभी अपनी पसंद का सिम यूनिवर्सल सौंदर्य और काले सोने तेल के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता था आज अपने इतिहास के सबसे निर्णायक हिसक मोड पर खड़ा है जनवरी 2026 की घटनाओं ने न केवल इस देश का भूगोल बदल है बल्कि वैश्विक भू राजनीतिक (Geopolitics) मैं भी एक नया अध्याय लिख दिया है और पूरा विश्व में इतिहास को जाना जाएगा
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एक अमीर देश का उदय है
वेनेजुएला का इतिहास संघर्ष और समृद्धि का मिश्रण रहा है 19वीं साड़ी में साइमन बोलिए (Simon Boliver ) के नेत्रों में स्पेन और आजादी पानी के बाद यह देश कृषि पर निर्भर था लेकिन 1914 में मार्काइबो बेसिन में तेल की खोज में सब कुछ बदल दिया जिनको कभी विश्वास नहीं था कि तेल की खोज पूरी भी हो पाएगी नवीन कुछ दिनों की मेहनत में तेल को उत्पन्न कर दिया और विलेज वाला की तेल की खोज पूरा हुआ 1950 के दशक तक वेनेजुएला दुनिया का चौथा सबसे अमीर देश प्रति व्यक्ति आय के मामले में बन गया था इसकी अर्थव्यवस्था उसे समय चीन जापान और यहां तक की कई यूरोपीय देश से भी बड़ी थी 1970 के दशक में तेल की बढ़ती कीमतों ने वेनेजुएला सऊदी बन गया उसे समय यहां की करेंसी बोलिवर दुनिया की सबसे स्थिर मुद्राओं में से एक थी जिसको वेनेजुएला प्राप्त कर लिया है

चाविज्म और समाजवाद का उदय (1998 – 1913)
वेनेजुएला के आधुनिक इतिहास में सबसे बड़ा मोड 1998 में आया जब ह्यूगो चावेज़ राष्ट्रपति चुने गए चावेज़ मैं 21वीं सदी के समाजवाद का नारा दिया।
- राष्ट्रीयकरण: उन्होंने विदेशी तेल कंपनियों का नियंत्रण अपने हाथ में लिया
- कल्याणकारी: योजनाएं तेल से होने वाली पेशाब कमाई को गरीबों के लिए स्वास्थ्य शिक्षा और आवास में जब दिया गया
- गलती :चावेज़ मैं देश की पूरी अर्थव्यवस्था को केवल तेल पर निर्भर कर दिया और अन्य उद्योगों कृषि निर्माण को नजर अंदाज किया जब तक तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर रहे सब कुछ ठीक लगा लेकिन नींव खोखली हो चुकी थी




