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काॅपर ने भी गोल्ड सिल्वर की तरह मजबूत प्रदर्शन किया

कॉपर की चमक क्या तांबा बन रहा है नया डिजिटल गोल्ड 2026

काॅपर ने भी गोल्ड सिल्वर की तरह मजबूत प्रदर्शन किया
काॅपर ने भी गोल्ड सिल्वर की तरह मजबूत प्रदर्शन किया

कॉपर ने न केवल सोने और चांदी की तरह मजबूत रिटर्न दिया है बल्कि रणनीतिक रूप से यह उनसे भी अधिक महत्वपूर्ण होता जा रहा है आई विस्तार से समझते हैं कि कॉपर की इस फूल रन के पीछे के मुख्य कारण क्या है

शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट में जब भी चमक दमक की बात होती है तो आमतौर पर निवेशकों का ध्यान सोने (Gold) और चांदी (Silver) पर जाकर टिक जाता है लेकिन पिछले कुछ समय में एक ऐसी धातु ने वैश्विक बाजार में हलचल मचाई है जिसमें आमतौर पर इंडस्ट्रियल मेटल माना जाता जा रहा है

एआई (AI) और डेटा सेंटर्स का  विस्तार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)  की क्रांति केवल सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं है (AI) को चलाने के लिए विशाल डेटा सेंटर्स की आवश्यकता होती है इन सेंटर्स को भारी मात्रा में बिजली और कूलिंग सिस्टम की जरूरत होती है जिसमें कॉपर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है विश्लेषण को का मानना है कि आने वाले दशक में डाटा सेंटर कॉपर की मांग का एक बड़ा हिस्सा खा जाएंगे काफी मात्रा में कॉपर और सिल्वर की खपत होती है इसलिए गोल्ड और सिल्वर की मार्केट प्राइस हाईएस्ट पर इस वजह से पहुंच रही है

एनर्जी ट्रांजिशन और इलेक्ट्रिक वाहन (EV)

काॅपर ने भी गोल्ड सिल्वर की तरह मजबूत प्रदर्शन किया

दुनिया इस पर जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) से हटकर ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ रही है कॉपर बिजली का सबसे बेहतरीन सुचालक है एक इलेक्ट्रिक कर में पारंपरिक पेट्रोल डीजल कर की तुलना में तीन से कर गुना अधिक कॉपर का उपयोग होता है चाहे वह सोलर पैनल हो पिंड टरबाइन हो या EV चार्जिंग स्टेशन बिना कॉपर के नेता जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करना असंभव है। इन सभी चीजों में काफी मात्रा में कॉपर का इस्तेमाल किया जा रहा है

कॉपर की कीमतों में उछाल का एक बड़ा कारण सप्लाई

क्या यह निवेश का सही समय है

विशेष को का मानना है कि होकर केवल एक औद्योगिक धातु नहीं रहा है बल्कि यह डॉक्टर कॉपर के रूप में व्यक्ति अर्थव्यवस्था की सेहत बताता है

  1. महंगाई के खिलाफ बचाव: सोने की तरह कॉपर भी मुद्रास्फीति (Inflation) के खिलाफ एक मजबूत ढाल साबित हो सकता है
  2. लंबी अवधि का दृष्टिकोण: क्योंकि नई कॉपर खदानों को शुरू करने में 10 से 15 साल का समय लगता है इसीलिए सप्लाई की कमी लंबी अवधि तक बनी रहे सकती है जो कीमतों को मजबूत देती है

चुनौतियों और जोखिम

काॅपर ने भी गोल्ड सिल्वर की तरह मजबूत प्रदर्शन किया

किसी भी निवेश की तरह कॉपर में भी जोखिम है यदि चीन (जो कॉपर का सबसे बड़ा उपभोक्ता है) की अर्थव्यवस्था में सुस्ती आती है इसकी कीमतों पर दबाव दिख सकता है साथ ही रीसाकिलिंग तकनीक में सुधार से भी भविष्य में नहीं डिमांड में कुछ कमी आ सकती हैं जो काफी कमी होने के कारण काफी ज्यादा समस्या बढ़ सकती है जितनी ज्यादा कमी होती उतना ही इसका डिमांड बढ़ता ही जाएगा उतना ही इसका प्राइस आसमान छू सकता है

भारत की प्रमुख कॉपर कंपनियां (Stocks to Wetch)

भारतीय बाजार में कुछ चुनिंदा कंपनियों है जो कॉपर के खनन और रिफाइंडिंग में दबदबा रखती हैं

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