भारत रूस से व्यापारिक बधाएं दूर करने का आग्रह कर रहा है

भारत चाहता है कि रूस भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग समान खाने-पीने का उत्पादक और मछली के नियंत्रण पर लगी रोक हटाए इससे भारत रूस के करीब 50 55 अरब डॉलर के रूबल का इस्तेमाल कर सकेगा यह रूबल तेल आयात के कारण रूस के बैंकों में जमा हो गया है
द टाइम ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय निर्यात को को रूस के बाजार में सामान बेचने में कई दिक्कतें आ रही हैं इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में रूस की तरफ से सॉफ्टवेयर से जुड़ी कुछ खास ज़रूरतें हैं यह एक बड़ी रुकावट बन गई है इंजीनियरिंग सामान के निर्यात में भी कड़े स्टेंडर्ड के कारण देरी हो रही है कुछ उत्पादों के लिए स्थानीय भाषा की जरूरत को पूरा करना भी मुश्किल हो रहा है
रूस में सामान भेजने में परेशानी
लेकिन भारतीय निर्यातकों को रूस में अपना सामान भेजने में परेशानी हो रही है दूसरी और रूस रिटेल चेन भारतीय खाने पीने के समान और अन्य उत्पादकों को आयात करने में दिलचस्पी दिखा रहा है भारत चाहता है कि रस इन व्यापारियों बढ़ाओ को दूर करें ताकि वह अपने फंसे हुए रूबल का इस्तेमाल कर सके यह भारत के निर्यातको लिए भी एक बड़ा मौका होगा एक अधिकारी ने को बताया हमें रूसी अधिकारियों के साथ खड़े मां को मैं मुद्दे को सबसे ऊंचे स्तर पर उठाया है और इसे हल करने की सराहना की जा रही है यह बातचीत अगले महीने होने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक से पहले हो रही है या बैठक में यूरेशिया इकोनामिक यूनियन के साथ एक प्रस्तावित व्यापार समझौते पर होगी इस यूनियन में रूस के अलावा आर्मेनिया बेलारूस कजाकिस्तान और किर्गिस्तान जैसे देश शामिल हैं।
सबसे ऊंचे स्तर पर बैठाया गया है मामला
इस मामले पर बातचीत करने वाले को एक व्यक्ति ने को बताया हमारे सामानों को कुछ रूसी मानको और कुछ यूरेशियन मानको का पालन करना पड़ रहा है इससे निर्यात करना मुश्किल हो जाता है



