वेनेजुएला में रोजमर्रा से छोड़कर भाग रहे हैं लोग क्या है भगाने का कारण

दरअसल यही वेनेज़ुएला से बाहर गए लोग देश की आबादी में आए बड़ी गिरावट की सबसे बड़ी वजह है साल 2016 तक वेनेजुएला की जनसंख्या सामान रफ्तार से पढ़ रही थी लेकिन इसके बाद हालात तेजी से बदलें पानी पीने की चीजे गायब होने लगी बुनियादी सुविधाएं उठ हो गई राजनीतिक दमन बढ़ गए और उसी तेजी से अपराध बढ़ा हालात ऐसे हो गए हैं कि देश छोड़ने से ज्यादा खतरनाक देश में रहना लगने लगा है इस दौरान वेनेजुएला से शरण मांगने वालों की संख्या आमतौर छूने लगी है
वेनेजुएला में महंगाई इतनी हो गई है कि देश छोड़कर भागना पड़ गया

दुकानों में कीमत के टैक्स लगाना बेकार हो गया है स्थिति संभालने के लिए सरकार ने अपनी करेंसी से कई बार चीज हटाए ताकि कीमत कम देखी लेकिन हकीकत यह है कि ज़ीरो हटने से महंगाई कम नहीं होती सिर्फ आंकड़े छोटे दिखने लगते हैं महंगाई इतनी बढ़ गई है कि वेनेजुएला की मुद्रा बोली वार है लगभग बेकार हो गई है रोजमर्रा की चीज पहले लाखों फिर करोड़ फिर अर्बन और खरगों स गोलीबार में बिकने लगी है हालात ऐसे हो गए हैं कि एटीएम ठीक से काम नहीं कर रहे थे नकद लेन-देन मुश्किल हो गया है
हालात इतना ज्यादा बिगड़ गया लोग हो रहे परेशान

इन शरणार्थियों ने राष्ट्रपति मादुरो पर हुई कार्यवाही को सही ठहराते हुए जश्र मंगाया यहां के हालात इतना ज्यादा कैसे बिगड़ गए कि लोगो खूब पलायन के लिए मजबूर होना पढ़ रहा है पिछले 10 सालों में दुनिया भर के शरणार्थीयों मैं सबसे ज्यादा यानी 16.2 फ़ीसदी हिस्सेदारी वेनेज़ुएला की रही है महंगाई के कारण काफी लोग परेशान हो रहे हैं पर महंगाई कम होने की बात नहीं की जा रही है महंगाई पर कोई भी फर्क नहीं पड़ने वाला है लोगों को मजबूरन छोड़ना पड़ रहा है लोग पूरी तरह टूट चुके हैं इस महंगाई से एक-एक अन्य को तरस रहे हैं खाने पीने की कितनी सारी महंगाई है दिन की कमाई से ज्यादा महंगाई मार देती है



