RVNL,IRCTC और IRFC… फिर क्यों भागने लगे ये रेलवे स्टॉक।

रेलवे के शहरों में आज शानदार तेजी देखी जा रही है जबकि शेयर बाजार में गिरावट है आईएफसी आईआरसीटीसी आरवईएन एल समेत और रेलवे शेर 13 फ़ीसदी चढ़ गए हैं शेयर बाजार गिरावट पर कारोबार कर रहा है लेकिन रेलवे के शहरों में अच्छी तेजी देखी जा रही है रेल विकास निगम (RVNL) रेलटेल कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया ( RailTail) इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) टैक्स में को रेल एंड इंजीनियरिंग और इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड कंपनी के शेरों में शुक्रवार को कारोबार में 13% तक की देखी गई है यह तेजी कई दिनों तक सूस्त रहने के बाद आई है।
रेलवे किराए में कितनी हुई बढ़ोतरी
सरकार ने कहा है की सेकंड क्लास में जर्नल टिकट पर 215 किलोमीटर तक की यात्राओं के लिए किराए में कोई वृद्धि नहीं की गई है जिससे कम दूरी और देने की यात्रियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा हालांकि लंबी दूरी की यात्राओं के लिए किराया बदल गयाहै 216 किलोमीटर से 750 किलोमीटर के बीच की दूरी के लिए किराया ₹5 बढ़ गया है इससे अधिक दूरी की यात्राओं के लिए 751 किलोमीटर से 1250 किलोमीटर के बीच की दूरी के लिए ₹10 रूपये 1251 किलोमीटर से 1750 किलोमीटर के बीच की दूरी के लिए ₹15 और 1751 किलोमीटर से 2250 किलोमीटर के बीच की दूरी के लिए ₹20 की बढ़ोतरी की गई है
आदेश में कहा गया कि दैनिक यात्रियों की सुरक्षा के लिए उपनगरीय सेवाओं और सीजन टिकटों के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है जबकि मेल एक्सप्रेस ट्रेनों के किराए में अभी श्रेणियां में दो पैसे प्रति किलोमीटर की दर से संशोधन किया गया है जिससे निवेशक राष्ट्रीय परिवहन कंपनी की विद्युतीय स्थिति में सुधार की दिशा में एक कदम के रूप में देखते हैं।
RVNL के शेयरों में बीएसई पर पिछले बंद भाव।
वही रेलवे को वित्तीय सहायता देने वाली दिग्गज कंपनी IRFC के शेयर 8.65% बढ़कर 131.95 रुपए पर पहुंच गए अन्य मुख्य शेयर टैक्स में को रेल 4.47 प्रतिशत बढ़कर 140.10 रूपये पर पहुंच गया और IRCTC 3. 79 प्रतिशत बढ़कर 705 दशमलव 30 रुपए पर कारोबार कर रही थी IRFC के शेरों में जो फ़ीसदी की तेजी आई है और 132.43 पर पहुंच गया है
फिर क्यों भागने लगे रेलवे स्टॉक।
इस रैली का सबसे बड़ी वजह रेलवे किराए में इजाफे के कारण रेलवे शेरों में इतनी तेजी देखी जा रही है जुलाई में हुई बढ़ोतरी के बाद एक साल में या दूसरी बार किराया बढ़ाया गया है सरकार ने कहा कि रेलवे ने यात्रियों के लिए किराया और परिचालन की स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से अपनी यात्री किराया को बढ़ाया गया है।