वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई बताई जा रही है क्या वजह है

अमेरिका को मंजुला में हस्तक्षेप करने की वजह चाहिए थी मुझे मिली मानवधिकार का उल्लंघन लोकतंत्र का अभाव और फिर उन्होंने कहा कि मैं झूला न को टेररिज्म फैला रहा है वेनेजुएला अब अमेरिका को बड़ी मात्रा में तेल देने की तैयारी है ट्रंप ने कहा कि उसे तेल से जो भी पैसा आएगा उसे कैसे और कहां खर्च किया जाए यह ट्रक या अमेरिका प्रशासन तय करेगा वेनेजुएला में अंतरिक्ष सुरक्षा की कमी है इस वजह से इसकी एक बड़ी आबादी अमेरिका जा रही है और अमेरिका के पास इतने अप्रवासियों को लेने की इच्छा
चीन पर निशाना क्यों किया जा रहा है क्या कारण है इसका
वेनेजुएला पर अमेरिकी की कार्यवाही को जुबेर अहमद चीन को मात देने की कोशिश बताते हैं वह कहते हैं कि ला तीन अमेरिका देश में चीन का मजबूत होना अमेरिका को पांच नहीं रहा है वरिष्ठ पत्रकार जुबेर अहमद कहते हैं कि वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्यवाही की एक वजह चिन्ह को कमजोर करना भी है उसमें चीन और शालीन अमेरिकी देश के बीच $500 अब से ज्यादा का दीप क्षीय महिपाल है 150 अरब डॉलर का निवेश है चीन का मजबूत होना अमेरिका को पांच नहीं रहा है यह बताया जा रहा है कि अब तक मैं 16 का 80% तेल चिन्ह जा रहा था वह चीन की जरूरत का सिर्फ 4% था जुबेर अहमद कहते हैं चीन ने लातिन अमेरिकी में जिस तरह से बिज़नेस खड़ा किया गया है
दुनिया पर कैसा असर पड़ेगा ट्रंप मैं जो किया

मुझे लगता है कि कोलंबिया पर अमेरिकी की नजर है और इस वक्त दुनिया में ऐसा कोई देश नहीं है जो अमेरिका का विरोध करेगा वेनेजुएला पर अमेरिकी की कार्यवाही की आलोचना भी हो रही है इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कहा जा रहा है इसके अलावा जुबेर अहमद इस साल अमेरिकी की मनमानी उसकी विदेश नीति में जिस तरह से एक्शन लिया जा रहा है उसका और विस्तार होने की आशंका जताते हैं वहीं अमेरिका की कार्यवाही से एक खतरनाक मिसाइल कामयाब होने की भी आशंका जताई जा रही है कि रूस भी यूक्रेन में या चीन तनाव में ऐसा कर सकता है जैसे कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 24 में कहा गया है कि सभी सदस्य किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता या राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ बलिया इस्तेमाल करने या धमकी से बचने बच्चन जुबेर अहमद कहते हैं अमेरिका के इस कदम से या डर पैदा हो गया है कि दुनिया भर में राजकता फैल सकती है इसकी वजह से जाहिर है चीन की हिम्मत बढ़ेगी कि वह जब चाहे तनाव पर कब्जा कर ले।
आखिर भारत में क्या कहा इस पूरे मामले पर
क्यू और वेनेजुएला के बारे में भारत जब भी कुछ बोलना तो वह बहुत नपा तुलाबयां होता है भारत कभी भी नहीं चाहेगा कि तो वेनेजुएला या अमेरिका से दुश्मनी मोल ले पर अमेरिकी कार्यवाही के अगले दिन भारत के दिनेश मंत्रालय की ओर से इस घटनाक्रम पर पहला बयान आया था इसमें कहा गया है मैंने कोला में खाली घटनाक्रम गहरी चिंता का विषय है हम वहां की बदलते स्थिति पर करीब नज़र रखते हैं वेनेजुएला पर अमेरिकी की कार्यवाही की गई देशों ने आलोचना की है तो वहीं एक पक्ष ऐसा है जो इसका समर्थन कर रहा है लेकिन भारत दोनों में से किसी खेमे में नहीं है अपराजिता कश्यप रहती है वेनेजुएला के मामले में भारत बहुत खुलकर कुछ भी नहीं बोल रहा है क्योंकि इसके लिए खुद ही अमेरिका के तारीफ का मुद्दा है इसीलिए भारत बहुत सावधान है

वेनेजुएला पर अमेरिका की कार्यवाही की क्या मायने हैं मादुरो के खिलाफ की गई कार्यवाही के पीछे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अल मनसा क्या है और वेनेजुएला में जो हुआ उसका दुनिया पर क्या असर पड़ सकता है कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय जेएनयू में दक्षिण अमेरिकी विश्व की एसोसिएट प्रोफेसर अपराजिता कश्यप वरिष्ठ पत्रकार जुबेर अहमद और द इंडियन एक्सप्रेस के नेशनल बिजनेस एडिटर अनिल शशि शामिल है बीबीसी हिंदी के साप्ताहिक कार्यक्रम बैलेंस में कलेक्टिव न्यूज़ रूम के डायरेक्टर का जैनिज्म मुकेश शर्मा ने विशेष्य के साथ नहीं सवालों पर चर्चा


