Gold Silver Price: सोने चांदी में बरकरार रह सकती है तेजी

: 2025 की आखिरी महीने में निवेशक का माहौल काफी हद तक उत्साह जनक बना हुआ है क्रिसमस के हफ्ते में पहले एक्टिविटी बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे फिर इंडस्ट्रियल और कीमती धातुओं में जबरदस्त तेजी देखने को मिली कॉपर और सिल्वर दोनों नहीं जो टाइम हाई पर पहुंच गए कोटक सिक्योरिटीज मैं कमोडिटी रिसर्च की सीनियर मैनेजर कायनात चैन वाला का कहना है कि अमेरिका डॉलर कमजोर होकर 98 के आसपास बन रहा बाजार में यह अटकलें तेज रही कि राष्ट्रपति और मटेरियल रिवर्सल के लिए किसी टॉपिक यानी नर रूप वाले अध्यक्ष की नियुक्ति को तरहेज दे सकते हैं चाइना वाला के मुताबिक डॉलर के लिए इसे नकारात्मक संकेत माना जा रहा है इसके साथ पारंपरिक सांता क्लास रैली की उम्मीद ने तीनों बड़े अमेरिका शहर सूचकांकों को रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचा दिया ।
2026 में कहां तक जाएगा गोल्ड
एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 में सोने की कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है हालांकि रिटर्न की रफ्तार 2025 जैसे नहीं होगी Jm Financial services मैं कमोडिटी एंड ई रिसर्च के वॉइस प्रेजिडेंट प्रणव मेल के मुताबिक मैट्रिक नीति में डिलीवरी डॉलराइजेशन और ग्लोबल ट्रेड टेंशन जैसे फैक्टर अगले साल भी सोने को सपोर्ट देंगे
उनका अनुमान है कि 2026 में MCX पाल गोल्ड ₹1,50,000 ₹1,55,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है Angel One के DVP रिसर्च प्रधमेश मालिया का कहना है कि अमेरिका फेड की ओर से ब्याज दरों में कटौती और सैफ हवन डिमांड के चलते 2026 की पहली छमाही में ही सोना ₹1,60,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर की और बढ़ सकता है
2025 के अंत में कमोडिटी आउटलुक मजबूत
कायनात चैन वाला का कहना है कि जैसे-जैसे 2025 का अंत नजदीक आ रहा है कमोडिटी बाजार का ओवर ऑल आउटलुक मजबूत नजर आता है स्ट्रक्चर सप्लाई बधाए टैरिफ से पैदा हुए ट्रेड डिस्टॉर्शन और आई ट्रांसफर स्ट्रक्चर हुआ रिन्यूएबल एनर्जी से बनी मजबूत मांग की खासतौर पर कॉपर और सिल्वर को लेकर उम्मीदों को नहीं ऊंचाई दी है वही सोना अभी एक मजबूत है के तौर पर उबल रहा है जैसे वह राजनीतिक जोखिम ट्रेड टेंशन और आगे बिहार दारू की कटौती की उम्मीद लगातार सपोर्ट दे रही है।
चांदी पर और पुलिश एक्सपर्ट
चांदी को लेकर आउटलुक और ज्यादा पुलिस नजर आ रहा है प्रणव मेंर के मुताबिक EV सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक जैसे ने जवानी के सेक्टर से मजबूत इंडस्ट्रियल डिमांड सोने के मुकाबले में सस्ती वैल्यूएशन और ग्लोबल सप्लाई कॉस्टेऐै को सपोर्ट दे रहे हैं
क्यों आई तांबे में तेजी
यह तेजी कई कारखाने के बंद होने टैरिफ से संबंधित स्टॉक जमा करने और बेहतर ग्लोबल लिक्विडिटी की उम्मीद की कारण ए क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी इलेक्ट्रिक वाहनों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डाटा सेक्टर से बढ़ती एनर्जी डिमांड में तांबे की अहम भूमिका से मार्केट का भरोसा और बढ़ा
गोल्डमैन सेक्स रिसर्च के अनुसार तांबे की बढ़ती कीमतें अक्सर मजबूत इंडस्ट्रियल डिमांड और तेजी से बढ़नी अर्थव्यवस्था का संकेत देती हैं जबकि गिरती कीमत तो आर्थिक मंदी का संकेत दे सकती हैं
आगे भी आएगी कॉपर में तेजी
जहां तक कीमतों की बात है जेपी मॉर्गन ग्लोबल रिसर्च को उम्मीद है कि 2026 की दूसरी तिमाही में तांबे की कीमतें $12,575 तक पहुंच जाएगी और पूरे साल तक औसत लगभग $12,075% रहेगा
हालांकि रिसर्च करने वाले इस बात को लेकर आशावादी है की तांबे की कीमतें ऊपर की ओर बढ़ती रहेगी लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि हाल ही में कीमतों में हुई बढ़ोतरी के लंबे समय के नतीजे के बारे में अभी कुछ भी पक्का नहीं कर सकता
रिकॉर्ड हाई पर पहुंची तांबे की कीमत
2025 में तांबे की कीमतें 50% बढ़ गई है और 12000 प्रतिदिन से ऊपर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे कॉपर प्राइस और टाइम इंडिया हाई गई है क्योंकि सप्लाई में रुकावट और मजबूती डिमांड के अनुसार हनुमान से बाजार में तेजी आई है इस साल तांबे में आई जबरदस्त तेजी ने इसे 2009 के बाद से सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली कमोडिटी में है एक से एक बना दिया है
काॅपर ने भी गोल्ड सिल्वर की तरह मजबूत प्रदर्शन किया Deli khabar